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भारतीय लेखक और मानवाधिकार कार्यकर्ता राजेश तलवार को नॉटिंघम विश्वविद्यालय के अलुमनाई पुरस्कार से सम्मानित किया गया

  नई दिल्ली:  सुप्रसिद्ध भारतीय लेखक और मानवाधिकार अधिवक्ता  राजेश तलवार  को हाल ही में  यूनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंघम  की ओर से  Alumni Laureate Award  से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार विश्वविद्यालय के उन पूर्व छात्रों को दिया जाता है जिन्होंने अपने पेशे, समाज और सामाजिक सरोकारों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। राजेश तलवार ने वर्ष 1996-97 में ब्रिटिश चेवेनिंग स्कॉलर के रूप में  नॉटिंघम विश्वविद्यालय  से अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून में एलएलएम की पढ़ाई की थी। बीते दो दशकों में उन्होंने  संयुक्त राष्ट्र  के साथ  कोसोवो, सोमालिया, अफगानिस्तान, केन्या, ईस्ट तिमोर और लाइबेरिया  जैसे देशों में प्रमुख पदों पर कार्य किया है। कोसोवो मिशन में वह  मानवाधिकार सलाहकार पैनल के सचिवालय के अध्यक्ष  भी रहे। कानून की पृष्ठभूमि से आने वाले तलवार ने अब तक  42 पुस्तकें  लिखी हैं, जिनमें मानवाधिकार, सामाजिक मुद्दे, बच्चों की कहानियाँ और नाटक शामिल हैं। उनकी चर्चित किताबों में  The Third Sex and Human Rights ,  C...

क्या आप भी गलत समय पर खाते हैं खाना? आयुर्वेद के अनुसार क्या है खाने का सही वक्त

अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए सही आहार और खानपान बहुत जरूरी हैं। यदि आप भी स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो आपको सही समय पर खाना खाना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार, खाना खाने का सही वक्त सेहत के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर खानपान पर ध्यान नहीं दे पाते, जिससे सेहत पर बुरा असर पड़ता है। अगर आप भी समय पर खाना नहीं खाते, तो यह आदत आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है। आयुर्वेद के अनुसार सही समय पर खाना खाना आपके शरीर को लाभ पहुंचाता है। तो आइए जानते हैं कि पूरे दिन में कौन-से समय पर खाना खाना चाहिए।

नाश्ता

आयुर्वेद के अनुसार, नाश्ता सूर्योदय के बाद ही करना चाहिए। नाश्ता हमारे दिन की शुरुआत के लिए बेहद जरूरी होता है। हालांकि, लोग सुबह जल्दी कामों में व्यस्त होते हैं और नाश्ता छोड़ देते हैं। कोशिश करें कि आप सुबह 7 से 9 बजे के बीच नाश्ता कर लें। देर तक भूखा रहना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। यदि आप इस आदत को अपनाते हैं, तो आपकी सेहत पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

दोपहर का खाना

नाश्ते और दोपहर के भोजन के बीच ज्यादा अंतराल नहीं होना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार, दोपहर का भोजन 12 से 2 बजे के बीच करना चाहिए। इस समय शरीर में पाचन शक्ति सबसे अधिक होती है, जिससे भारी खाना भी आसानी से पच जाता है। यदि आप इस समय का पालन करते हैं, तो आपके पाचन में कोई समस्या नहीं आएगी और आपका शरीर बेहतर तरीके से कार्य करेगा।

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