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भारतीय लेखक और मानवाधिकार कार्यकर्ता राजेश तलवार को नॉटिंघम विश्वविद्यालय के अलुमनाई पुरस्कार से सम्मानित किया गया

  नई दिल्ली:  सुप्रसिद्ध भारतीय लेखक और मानवाधिकार अधिवक्ता  राजेश तलवार  को हाल ही में  यूनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंघम  की ओर से  Alumni Laureate Award  से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार विश्वविद्यालय के उन पूर्व छात्रों को दिया जाता है जिन्होंने अपने पेशे, समाज और सामाजिक सरोकारों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। राजेश तलवार ने वर्ष 1996-97 में ब्रिटिश चेवेनिंग स्कॉलर के रूप में  नॉटिंघम विश्वविद्यालय  से अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून में एलएलएम की पढ़ाई की थी। बीते दो दशकों में उन्होंने  संयुक्त राष्ट्र  के साथ  कोसोवो, सोमालिया, अफगानिस्तान, केन्या, ईस्ट तिमोर और लाइबेरिया  जैसे देशों में प्रमुख पदों पर कार्य किया है। कोसोवो मिशन में वह  मानवाधिकार सलाहकार पैनल के सचिवालय के अध्यक्ष  भी रहे। कानून की पृष्ठभूमि से आने वाले तलवार ने अब तक  42 पुस्तकें  लिखी हैं, जिनमें मानवाधिकार, सामाजिक मुद्दे, बच्चों की कहानियाँ और नाटक शामिल हैं। उनकी चर्चित किताबों में  The Third Sex and Human Rights ,  C...

नया आयकर विधेयक: संसद में पेश हो सकता है नया आयकर बिल, कानून बनने पर बदलेंगी ये बड़ी बातें


केंद्र सरकार आज संसद में नया आयकर विधेयक पेश कर सकती है। मोदी सरकार ने 7 फरवरी 2025 को इस विधेयक को मंजूरी दी थी। यह नया कानून छह दशक पुराने आयकर अधिनियम की जगह लेगा, जो टैक्स व्यवस्था को सरल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को बजट पेश करते समय इस नए विधेयक का जिक्र किया था।

नए आयकर विधेयक में क्या बदलाव होंगे?

इस नए आयकर विधेयक का मुख्य उद्देश्य टैक्स प्रणाली को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाना है। इससे आम लोगों को अधिक राहत मिलेगी और टैक्स नियमों का पालन करना आसान होगा। इस विधेयक में इन प्रमुख सुधारों की उम्मीद की जा रही है:

  1. टैक्स नियमों का सरलीकरण – जटिल टैक्स नियमों को हटाकर, नई व्यवस्था को अधिक आसान बनाया जाएगा।
  2. छूट और कटौतियों में बदलाव – टैक्स बचाने के लिए मिलने वाली छूट और कटौतियों को तर्कसंगत और स्पष्ट किया जाएगा।
  3. अनुपालन (Compliance) में सुधार – टैक्स रिटर्न भरने और अन्य प्रक्रियाएं ज्यादा सरल हो जाएंगी।
  4. विवाद समाधान प्रणाली को मजबूत करना – टैक्स से संबंधित मामलों को जल्दी और प्रभावी तरीके से हल करने के लिए एक नया सिस्टम लागू किया जाएगा।
  5. डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए प्रावधान – ऑनलाइन लेन-देन और डिजिटल व्यवसाय को ध्यान में रखते हुए नए नियम बनाए जाएंगे।

पुराने कानून को बदलने की आवश्यकता क्यों पड़ी?

वर्तमान आयकर अधिनियम 60 साल पुराना है और समय के साथ इसमें कई जटिलताएं आ गई हैं। इससे आम लोगों और कंपनियों के लिए टैक्स नियमों को समझना और लागू करना मुश्किल हो गया था। नया विधेयक इन समस्याओं को दूर करेगा और भारत के टैक्स सिस्टम को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएगा।

टैक्स स्लैब में बदलाव

बजट 2025 के दौरान नए टैक्स स्लैब की घोषणा की गई थी, जो इस प्रकार हैं:

  • ₹4 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं
  • ₹4 लाख से ₹8 लाख तक – 5% टैक्स
  • ₹8 लाख से ₹12 लाख तक – 10% टैक्स
  • ₹12 लाख से ₹16 लाख तक – 15% टैक्स
  • ₹16 लाख से ₹20 लाख तक – 20% टैक्स
  • ₹20 लाख से ₹24 लाख तक – 25% टैक्स
  • ₹24 लाख से अधिक की आय पर – 30% टैक्स

पहले नो-टैक्स सीमा ₹7 लाख थी, जिसे बढ़ाकर ₹12 लाख कर दिया गया है। इससे मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी और उनके हाथ में ज्यादा पैसा रहेगा।

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