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भारतीय लेखक और मानवाधिकार कार्यकर्ता राजेश तलवार को नॉटिंघम विश्वविद्यालय के अलुमनाई पुरस्कार से सम्मानित किया गया

  नई दिल्ली:  सुप्रसिद्ध भारतीय लेखक और मानवाधिकार अधिवक्ता  राजेश तलवार  को हाल ही में  यूनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंघम  की ओर से  Alumni Laureate Award  से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार विश्वविद्यालय के उन पूर्व छात्रों को दिया जाता है जिन्होंने अपने पेशे, समाज और सामाजिक सरोकारों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। राजेश तलवार ने वर्ष 1996-97 में ब्रिटिश चेवेनिंग स्कॉलर के रूप में  नॉटिंघम विश्वविद्यालय  से अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून में एलएलएम की पढ़ाई की थी। बीते दो दशकों में उन्होंने  संयुक्त राष्ट्र  के साथ  कोसोवो, सोमालिया, अफगानिस्तान, केन्या, ईस्ट तिमोर और लाइबेरिया  जैसे देशों में प्रमुख पदों पर कार्य किया है। कोसोवो मिशन में वह  मानवाधिकार सलाहकार पैनल के सचिवालय के अध्यक्ष  भी रहे। कानून की पृष्ठभूमि से आने वाले तलवार ने अब तक  42 पुस्तकें  लिखी हैं, जिनमें मानवाधिकार, सामाजिक मुद्दे, बच्चों की कहानियाँ और नाटक शामिल हैं। उनकी चर्चित किताबों में  The Third Sex and Human Rights ,  C...

हत्या से लेकर शव ठिकाने लगाने तक: दोपहर 12 बजे विवाद, शाम 5 बजे कत्ल; सिलसिलेवार ढंग से समझें हिमानी हत्याकांड माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक

Rohtak Himani Murder Case: Police Will Recreate The Scene, Plan To Take The  Accused To Delhi And Jhajjar - Amar Ujala Hindi News Live - Rohtak Himani  Murder Case:पुलिस करेगी सीन रिक्रिएशन, Read Himani Murder Case In A Sequential Manner From Murder To Disposing Of  The Body - Amar Ujala Hindi News Live - हत्या से लेकर शव ठिकाने लगाने तक:दोपहर  12 बजे विवाद,

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हिमानी नरवाल की हत्या ब्लाइंड मर्डर केस थी। शुरुआत में परिवार वालों की ओर से कोई संदेह नहीं जताया गया, लेकिन पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की। पुलिस ने हिमानी के मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लिया, और उसकी लोकेशन सचिन के मोबाइल के साथ मिली। यह जानकारी हत्या के मामले की दिशा बदलने वाली साबित हुई।

कांग्रेस कार्यकर्ता हिमानी नरवाल और सचिन के बीच गहरी दोस्ती थी, और सचिन का दिन-रात हिमानी के घर आना-जाना था। जब उसे अपने घर नहीं जाना होता था, तो वह हिमानी के घर पर ही ठहरा करता था। हालांकि, इस दोस्ती के बारे में हिमानी के परिजनों को भी जानकारी थी।

यह सिलसिला और घटनाक्रम हत्या के बाद सामने आया, और इसके आधार पर पुलिस ने जांच में तेजी दिखाई। हिमानी की हत्या का सिलसिलादोपहर 12 बजे हुए विवाद से शुरू हुआ और शाम 5 बजे तक एक हत्या में बदल गया। पुलिस अब सचिन को संदिग्ध मानते हुए मामले की जांच कर रही है।

पूरे मामले में जांच का प्रमुख बिंदु यह है कि परिवार और पुलिस दोनों को कैसे शुरुआत में हत्या का संदिग्ध पहलू नजर नहीं आया, और कैसे मोबाइल लोकेशन ने मामले की परतें खोलीं।

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