Skip to main content

Featured

भारतीय लेखक और मानवाधिकार कार्यकर्ता राजेश तलवार को नॉटिंघम विश्वविद्यालय के अलुमनाई पुरस्कार से सम्मानित किया गया

  नई दिल्ली:  सुप्रसिद्ध भारतीय लेखक और मानवाधिकार अधिवक्ता  राजेश तलवार  को हाल ही में  यूनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंघम  की ओर से  Alumni Laureate Award  से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार विश्वविद्यालय के उन पूर्व छात्रों को दिया जाता है जिन्होंने अपने पेशे, समाज और सामाजिक सरोकारों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। राजेश तलवार ने वर्ष 1996-97 में ब्रिटिश चेवेनिंग स्कॉलर के रूप में  नॉटिंघम विश्वविद्यालय  से अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून में एलएलएम की पढ़ाई की थी। बीते दो दशकों में उन्होंने  संयुक्त राष्ट्र  के साथ  कोसोवो, सोमालिया, अफगानिस्तान, केन्या, ईस्ट तिमोर और लाइबेरिया  जैसे देशों में प्रमुख पदों पर कार्य किया है। कोसोवो मिशन में वह  मानवाधिकार सलाहकार पैनल के सचिवालय के अध्यक्ष  भी रहे। कानून की पृष्ठभूमि से आने वाले तलवार ने अब तक  42 पुस्तकें  लिखी हैं, जिनमें मानवाधिकार, सामाजिक मुद्दे, बच्चों की कहानियाँ और नाटक शामिल हैं। उनकी चर्चित किताबों में  The Third Sex and Human Rights ,  C...

मार्क कार्नी बन सकते हैं कनाडा के अगले प्रधानमंत्री


कनाडा में इस समय राजनीतिक उथल-पुथल का माहौल है, और इसके पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण पड़ोसी देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कनाडा की आर्थिक स्थिति पर हमला है। हाल ही में ट्रंप ने न केवल कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात की, बल्कि कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को कनाडा का गवर्नर भी कह दिया। इसके अलावा, ट्रंप ने नशीले पदार्थों और अवैध आव्रजन की समस्याओं को लेकर कनाडा पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी भी दी है।

ट्रंप के इस तरह के हमले ऐसे समय में हो रहे हैं जब कनाडा की लिबरल पार्टी नेतृत्व संकट का सामना कर रही है और जस्टिन ट्रूडो तब तक ही प्रधानमंत्री बने रहेंगे जब तक पार्टी का अगला नेता तय नहीं हो जाता।

इस बीच, कनाडा के अगले प्रधानमंत्री के रूप में मार्क कार्नी का नाम तेजी से उभरकर सामने आ रहा है। हाल के कुछ सर्वेक्षणों में यह अनुमान लगाया गया है कि लिबरल पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच कार्नी का समर्थन तेजी से बढ़ रहा है। इसकी प्रमुख वजह है उनका अर्थशास्त्री के रूप में ख्याति, जिससे कनाडा को ट्रंप की आक्रामक नीतियों से उबरने की उम्मीद है। मार्क कार्नी के बारे में यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि वे दुनिया के दो बड़े देशों के केंद्रीय बैंक के गवर्नर रह चुके हैं, जो उनकी व्यापक पहचान का संकेत है।

मार्क कार्नी का जन्म 16 मार्च 1965 को कनाडा के उत्तर-पश्चिमी इलाके में स्थित फोर्ट स्मिथ में हुआ था। हालांकि, उनका अधिकांश समय अल्बर्टा राज्य के एडमंटन में बीता। उनके माता-पिता दोनों शिक्षक थे, जिससे उनकी शिक्षा में गहरी रुचि थी। कार्नी के अनुसार, उनके माता-पिता ने उन्हें समाज सेवा के प्रति गहरी प्रतिबद्धता सिखाई, जो उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनी।

Comments